‘चुनाव आयोग जनता को गुमराह कर रहा’, ‘स्याही विवाद’ पर राहुल गांधी का हमला

ram

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) पर तीखा हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ‘वोट चोरी’ को बढ़ावा देकर लोकतंत्र में जनता का भरोसा कम कर रहा है। हालांकि, भाजपा ने राहुल गांधी के आरोप का तुरंत जवाब देते हुए कहा कि यह आने वाली हार से ध्यान भटकाने और आयोग को बलि का बकरा बनाने की कोशिश है। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में लिखा, “चुनाव आयोग का नागरिकों को गुमराह करना ही हमारे लोकतंत्र में भरोसे के खत्म होने की वजह है। ‘वोट चोरी’ एक राष्ट्र-विरोधी काम है।” राहुल गांधी की चुनाव आयोग पर यह टिप्पणी महाराष्ट्र में 29 नगर निकायों के चुनावों के लिए वोटों की गिनती शुरू होने के कुछ ही देर बाद आई।
भाजपा नेताओं ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष बीएमसी के साथ-साथ महाराष्ट्र के अन्य नगर निकायों में भी हार का सामना कर रहा है और इसलिए ऐसी चालें चल रहा है।
राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष को ‘बहाना ब्रिगेड’ बताते हुए शहजाद पूनावाला ने कहा, “गिनती खत्म होने से पहले ही हार मान ली? राहुल वही कर रहे हैं जो वे सबसे अच्छा करते हैं, बदनाम करना, तोड़-मरोड़ कर पेश करना और गलत जानकारी देना।”
उन्होंने यह भी कहा कि स्याही विवाद की जांच होनी चाहिए, लेकिन गुरुवार की वोटिंग में धांधली की एक भी घटना सामने नहीं आई।
भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी एक देशद्रोही व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, “जब भी चुनाव नतीजे उनके (कांग्रेस) पक्ष में नहीं आते, तो वह हमेशा हार का ठीकरा किसी और पर फोड़ने की कोशिश करते हैं। बीएमसी चुनावों के रुझानों से राहुल गांधी के ट्वीट से यह साफ है कि कांग्रेस पार्टी को भारी हार का सामना करना पड़ेगा।”
गौरतलब है कि गुरुवार को ‘स्याही विवाद’ तब खड़ा हो गया, जब कई दावे सामने आए कि वोटिंग के बाद मतदाताओं पर लगाई गई अमिट स्याही आसानी से मिट रही थी, जिससे चुनावों में धांधली की गुंजाइश बन रही थी। कांग्रेस समेत विपक्ष के कई नेताओं ने दावा किया कि कई बूथों पर मतदाता की उंगली पर निशान लगाने के लिए स्याही की जगह मार्कर का इस्तेमाल किया जा रहा था, और ये निशान सैनिटाइजर से मिट रहे थे।
हालांकि, विपक्ष के आरोपों के बाद राज्य चुनाव आयोग ने मामले की जांच के आदेश दिए। आयोग ने बताया कि वायरल वीडियो के दावों का पता लगाने और यह जांचने के लिए कि वे असली थे या शरारत भरे, एक विस्तृत जांच की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *