तिरुवनंतपुरम। गृह मंत्री अमित शाह ने केरल के तिरुवनंतपुरम में केरल कौमुदी कॉन्क्लेव को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि केरल में एलडीएफ और यूडीएफ के बारी-बारी से शासन करने से भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई है, क्योंकि दोनों दल अपने ही भ्रष्टाचार की जांच करने में विफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि 343 करोड़ रुपए का सहकारी बैंक घोटाला, एआई कैमरा घोटाला, लाइफ मिशन घोटाला और पीपीई किट खरीद घोटाला जैसे बड़े घोटालों की ठीक से जांच नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि एलडीएफ और यूडीएफ गठबंधन इन भ्रष्ट गतिविधियों के लिए एक-दूसरे को जवाबदेही से बचाते हैं। यदि केरल भ्रष्टाचार मुक्त सरकार चाहता है, तो एनडीए को सत्ता में आने का अवसर देना आवश्यक है।
अमित शाह ने कहा कि जब हमने पीएफआई पर प्रतिबंध लगाया, तो एलडीएफ और यूडीएफ दोनों ने या तो इस फैसले का समर्थन करने से इनकार कर दिया या खुले तौर पर इसका विरोध किया। एसडीपीआई जैसी पार्टियां केरल की रक्षा करने में सक्षम नहीं हैं। जो लोग सह-अस्तित्व में विश्वास नहीं करते, वे हमारे राज्य की रक्षा नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि एनडीए की सरकार ही केरल को गवर्नेंस विदाउट करप्शन (भ्रष्टाचार मुक्त शासन), “डिलीवरी विदाउट डिस्क्रिमिनेशन” (बिना किसी भेदभाव के सेवा वितरण), और विजन विदाउट वोट बैंक पॉलिटिक्स (बिना किसी विशेष समुदाय या समूह के तुष्टिकरण) दे सकती है। मैंने आज मुख्यमंत्री के सामने मांग रखी है कि सबरीमाला खजाने की चोरी के मामले की किसी निष्पक्ष एजेंसी से जांच करानी चाहिए। यह इसलिए जरूरी है कि हर एक को शासन में विश्वास होना चाहिए। हर एक को सरकार और सिस्टम में विश्वास होना चाहिए। सिस्टम में जनविश्वास बनाए रखने के लिए सबरीमाला खजाने की चोरी की जांच एक निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हम एक ऐसी राजनीति की भी कल्पना करते हैं जो राजनीति से ऊपर उठकर प्रदर्शन आधारित राजनीति की इस देश में प्रधानमंत्री मोदी ने शुरुआत की है… देश कितना भी विकसित होगा शिकायत होगी, लेकिन प्रतिबद्धता होनी चाहिए कि हम हर शिकायत का निराकरण करेंगे और तुष्टीकरण की जगह विकास होना चाहिए।

सबरीमाला खाजाना चोरी की जांच किसी निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए : गृह मंत्री अमित शाह
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