जयपुर। राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने मण्डफिया, चित्तौड़गढ़ में रविवार को मेवाड़ “मेवाड़ कुमावत समाज महाकुंभ 2025” का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि महाराणा कुम्भा द्वारा इस समाज का नामकरण किया गया। कुमावत समाज नहीं भारतीय शिल्प, स्थापत्य और निर्माण कला से जुड़ी संस्कृति का संवाहक है। उन्होंने समाज की नई पीढ़ी को अपनी विरासत और कलाओं के से संरक्षण के लिए कार्य करने का आह्वान किया। राज्यपाल ने कहा कि कोई भी समाज तभी विकास करता है जब शिक्षा पर ध्यान दें और कुरीतियों और अंधविश्वास मुक्ति के लिए कार्य करे। उन्होंने मेवाड़ की संस्कृति में कुमावत समाज के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि चित्तौड़गढ़ के कीर्ति स्तंभ, कुंभलगढ़, हवामहल आदि का निर्माण इसी समाज के वास्तुविदों, शिल्पियों ने किया। उन्होंने समाज की सामाजिक एकता, शिक्षा, संस्कार और सेवा कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि ऐसे महाकुंभ समाज को संगठित करने के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य करते हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजन, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जयपुर: राज्यपाल ने “मेवाड़ कुमावत समाज महाकुंभ 2025” में भाग लिया— कुमावत समाज नहीं संस्कृति : राज्यपाल
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