धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझे (चायनीज मांझे) के निर्माण, विपणन व उपयोग पर प्रतिबंध

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झालावाड़। मकर संक्रान्ति पर्व पर पंतगबाजी हेतु धातुओं के मिश्रण से निर्मित मांझा (चायनीज मांझा) प्रयुक्त किये जाने की संभावना को देखते हुए उक्त मांझे के निर्माण, विपणन व उपयोग पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला मजिस्ट्रेट अजय सिंह राठौड़ द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए लोक स्वास्थ्य व विद्युत संचालन बाधा रहित बनाये रखने एवं पक्षियों के लिए बड़े पैमाने पर खतरा बन चुके धातु निर्मित मांझे के निर्माण, विपणन व उपयोग को सम्पूर्ण झालावाड़ जिले में प्रतिबंधित करने के आदेश जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त पक्षियों को नुकसान से बचाने के लिए प्रातः 6 से 8 बजे तक तथा सायं 5 से 7 बजे तक की समयावधि मे पंतगबाजी पर भी प्रतिबंध रहेगा। उल्लेखनीय है कि यह मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण के प्रयोग से तैयार किया जाता है, इसी प्रकार प्लास्टिक से निर्मित मांझा भी पंतगबाजी हेतु प्रयोग किया जाता है। उक्त मांझा विभिन्न धातुओं के मिश्रण से निर्मित होने से धारदार तथा विद्युत का सुचालक होता है। जिसके उपयोग के दौरान दुपहिया वाहन चालकों तथा पक्षियों को अत्याधिक जान-माल के नुकसान का खतरा होता है। साथ ही विद्युत सुचालक होने के कारण विद्युत तारों के संपर्क में आने पर विद्युत प्रवाह होने से पंतग उड़ाने वाले को भी नुकसान पहुंचने एवं विद्युत सप्लाई में बाधा उत्पन्न होने की भी संभावना होती है। यह आदेश 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। उक्त निषेधाज्ञा की अवहेलना या उल्लंघन पाये जाने पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत दोषी व्यक्ति को दंडित किया जाएगा।

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