बरेली के आईवीआरआई को मिली नैक की ए डबल प्लस ग्रेड, पशु चिकित्सा शोध व शिक्षा में रचा इतिहास

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बरेली । उत्तर प्रदेश के बरेली में स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) इज्जतनगर ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने इस संस्थान को सर्वोच्च ए डबल प्लस ग्रेड प्रदान किया है। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि आईसीएआर (भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद) के डीम्ड विश्वविद्यालयों में यह सम्मान पाने वाला आईवीआरआई पहला संस्थान बन गया है। संस्थान ने 4 में से 3.58 का उत्कृष्ट सीजीपीए हासिल कर देश के श्रेष्ठ शैक्षणिक एवं शोध संस्थानों में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है। 2 से 4 जून 2025 तक चली नैक टीम की ऑन साइट जांच में शिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशासन, बुनियादी ढांचे और सामाजिक योगदान जैसे सातों प्रमुख मानदंडों पर आईवीआरआई को शीर्ष प्रदर्शनकर्ता माना गया। संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि ए डबल प्लस ग्रेड पूरे संस्थान के वैज्ञानिकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। यह सिर्फ ग्रेड नहीं, बल्कि पशु चिकित्सा विज्ञान में वैश्विक मानकों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। यह उपलब्धि हमें और अधिक उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करती है। संस्थान के संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. एसके मेंदीरत्ता ने कहा कि यह सफलता निदेशक डॉ. दत्त के दूरदर्शी नेतृत्व, आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. मनीष महावर, एसोसिएट नोडल अधिकारी डॉ. मधु सीएल तथा सभी समिति सदस्यों के समर्पित प्रयासों का परिणाम है। वर्ष 1889 में स्थापित आईवीआरआई देश की पशुधन अर्थव्यवस्था का आधार स्तंभ रहा है। आधुनिक प्रयोगशालाओं, समृद्ध पुस्तकालय, अत्याधुनिक पशु प्रक्षेत्र और शोध उपलब्धियों के कारण यह लगातार पशु स्वास्थ्य, जैव सुरक्षा और उन्नत अनुसंधान में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। नैक की सर्वोच्च ग्रेडिंग ने इसे एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित कर दिया है।

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