नाहरगढ़। कस्बे सहित क्षेत्र में आवारा श्वानों का भारी आतंक बढ़ता जा रहा है। आए दिन रोजाना जंगल में चरने के लिए जाने वाले गोवंश का आवारा श्वान शिकार कर रहे है। ऐसे में लगातार प्रशासन को सूचित करने के बावजूद भी समस्या का निराकरण नहीं होने से पशुपालकों सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं में भी भारी रोष व्याप्त है। प्राप्त जानकारी अनुसार कस्बे सहित ग्रामीण क्षेत्र में हजारों गोवंश है जो अलसवेरे ही जंगल में चरने जाते है। इनमें से अधिकांश गुना रोड पर स्थित हर्बल गार्डन, बारां रोड कृषि मंडी के पीछे चारागाह भूमि, सिमलोद रोड सहित जंगल में चरने के लिए जाते हैं। इन्हीं स्थानों पर आवारा श्वानो का भारी आतंक है। वे झुंड के रूप में अन्य मवेशियों की अपेक्षा गोवंश को आसानी से निशाना बना लेते है। और आए दिन गोवंश का शिकार करते है। विशेष रूप से गोवंश में छोटे बछड़े आवारा श्वानो का आसानी से शिकार हो जाते है। कई गोवंश रोजाना आवारा श्वानो के द्वारा घायल किए जा रहे है। जिनका पशुपालक इलाज करवाते है। वही कई गोवंश का स्थानीय कामधेनु गोशाला के कार्यकर्ताओं द्वारा उपचार कराया जाता है। और देखभाल की जाती है। कई गंभीर घायल इलाज के बावजूद भी दम तोड़ देते है। ऐसे में आए दिन गोवंश के रोज घायल होने और उनको जिंदा नोच खाने की घटनाएं होने से पशुपालकों व गौ सेवकों में भारी रोष व्याप्त है। विश्व हिंदू परिषद प्रखंड अध्यक्ष रामनिवास नागर सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने बताया कि पूर्व में भी प्रशासन को सूचित किया गया। वही एक सप्ताह पूर्व भी प्रशासन को ज्ञापन देकर समस्यांकर निराकरण की मांग की गई। लेकिन आज तक इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। वही समस्या का समाधान नहीं होने पर आन्दोलन किया जाएगा। ऐसे में पशुपालकों सहित गौसेवकों व सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या के निराकरण की मांग की। ग्राम विकास अधिकारी जगदीश सहरिया ने बताया कि इस मामले में शीघ्र ही आवारा श्वानो को पकड़वाने के लिए संबंधित विभाग को सूचित कर सहयोग लिया जाएगा। और उन्हें पकड़कर दूर अन्यत्र जंगल में छोड़ने की प्रक्रिया की जाएगी।

नाहरगढ़ : आवारा श्वानो का आतंक, गोवंश हो रहा शिकार, सामाजिक संगठनों और ग्रामवासियों में रोष
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