भरतपुर। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने शनिवार को शहर में चल रहे विकास कार्यों, ड्रेनेज सिस्टम का निरीक्षण कर अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय पर कार्य पूरे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता खराब पाये जाने एवं समय पर कार्य नहीं होने पर संबन्धित अभियंता एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय की जायेगी।
जिला कलक्टर ने रीको रोड पर चल रहे आरओबी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जहां व्यापारियों द्वारा आवागमन में आ रही परेशानी की जानकारी देने पर उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को पास में जमा मिट्टी को हटवाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे निर्माण के दौरान आम लोगों को आवागमन में परेशानी नहीं हो। उन्होंने लोहागढ़ किले में चल रहे हैं विकास कार्यों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया, जहां निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाए जाने पर बीडीए के अधिकारियों को निर्देश दिए की सभी कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय में पूरे कराया जाए। उन्होंने किशोरी प्लाजा के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जहां सभी कार्य किले के पुराने स्थापत्य शैली के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किले का पुरातन वैभव रहा है इसकी स्थापत्य कला को बरकरार रखते हुए सभी कार्य पूर्ण गति के साथ कराया जाए। उन्होंने किशोरी महल में पर्यटकों के लिए सुविधा भी विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पास में पुराने स्ट्रक्चर को हटाने के स्थान पर बारहदरी के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए।
मन्दिरों मे श्रद्धालुओं की सुविधा का रखे ध्यान-
जिला कलक्टर ने दरिया मोहन मंदिर, टांडा मदन मोहन जी मंदिर एवं राधा बिहारी जी मंदिर के दर्शन कर परिक्रमा की तथा मन्दिर परिसरों में चल रहे विकास कार्यों का जायजा लेकर आम श्रद्धालुओं को परेशानी नहीं हो इसका ध्यान रखते हुए धार्मिक भावना के अनुरूप सभी कार्य समयबद्धता से कराने के निर्देश दिए। गंगा मंदिर में मां गंगा के दर्शन कर बीडीए द्वारा प्रस्तावित कार्यों की समीक्षा कर मंदिर के बाहर मुख्य मार्ग पर कटप्पा स्टोन से बनाए जाने वाले रोड की प्रगति की जानकारी लेकर स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप सभी कार्य गुणवत्ता से करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कार्य में गुणवत्ता की पालना नहीं करने पर संबंधित अभियंता एवं संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की ढलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी सभी अभियंता सुनिश्चित करें कि कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।
नहर की मोटवॉल की होगी मरम्मत-
उन्होंने सुजानगंगा नहर का निरीक्षण किया जहां मोटवाल के क्षतिग्रस्त स्थान की मरम्मत करने का प्रस्ताव एवं आउटलेट्स कार्यों के प्रस्ताव तैयार करने के लिए जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुजान गंगा की ऐतिहासिकता एवं पुरामहत्व को देखते हुए इसकी नियमित साफ-सफाई एवं सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किए जाएं। उन्होंने सुजान गंगा में नौकायन स्थल पर निरीक्षण कर आम पर्यटकों के लिए सुविधा बढ़ाने, सुजान गंगा नहर में सफाई के लिए नगर निगम द्वारा लगाई गई मशीन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि संपूर्ण नहर में किसी भी स्थान पर कचरा नहीं रहे इसके लिए मशीन को लगातार सक्रियता से चला कर पॉलिथीन अन्य कचरा को एकत्रित कर निस्तारित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने जल संसाधन विभाग को सुजान गंगा नहर में पाईबाग से सीएफसीडी तक तथा केतनगेट से सीएफसीडी तक ओवरफ्लो पानी की निकासी के कार्य को निर्धारित समय में गुणवत्ता से करने के निर्देश दिए, जिससे बरसात के समय आसपास पानी भराव की समस्या नहीं रहे।
कुडों के पीचिंग कार्य गुणवत्ता से हों-
जिला कलेक्टर ने भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा ऐतिहासिक कुण्डों के निर्माण में पीचिंग कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कुण्डांे की पाल पर पीचिंग इस तरह से की जाएं की समतलीकरण और एकरूपता दिखाई दे। बरसात के समय पीचिंग कार्य से मिट्टी का बहाव नहीं हो साथ ही एकरूपता से साथ गुणवत्ता का भी पालना सुनिश्चित की जाए। उन्होंने एमएसजे कॉलेज, आईजी निवास कुण्ड का मौके पर जाकर अवलोकन किया तथा शेष कार्य में एकरूपता से निर्माण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने एमएसजे कॉलेज से आईजी निवास तक मडरपुर रोड के चौड़ाइकरण कार्य का भी निरीक्षण किया तथा पानी निकासी के लिए नाला निर्माण, सड़क चौड़ाइकरण कार्य को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण में आ रही विद्युत लाइनों को 20 जुलाई तक शिफ्ट करने हेतु बीईएसएल के अधिकारियों को निर्देश दिए। इस दौरान आयुक्त बीडीए कनिष्क कटारिया, अधिक्षण अभियंता जल संसाधन बनैसिंह, अधिशाषी अभियंता बीडीए डीपी शर्मा सहित अभियंताओं की टीम उपस्थित रही।
सीएफसीडी के कार्यों का किया निरीक्षण-
जिला कलक्टर ने शहर में बाढ एवं जल भराव की समस्या के निराकरण के लिए प्रगतिरत सीएफसीडी के कार्य का मौके पर जाकर निरीक्षण किया तथा वर्षा के समय पानी की आवक को देखते हुए कार्य की गति देते हुए पानी निकासी की वैकल्पिक व्यवस्ािा करने के निर्देश दिये। उन्होंने चांदपोल गेट से पाईबाग तक नगर निगम के अभियंताओं की टीम के साथ पदैल चलकर कार्य की प्रगति को देखा। उन्होंने कहा कि कार्य की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जा करक अभी से बरसात के पानी निकासी की व्यवस्था शुरू करें। उन्होंने निगम द्वारा प्रगतिरत हीरादास कुंड, गोलमोल कुंड के कार्य का अवलोकन कर मिट्टी उठाव कार्य को गति देने पिचिंग कार्य को गुणवत्ता से कराने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि कुंडों में बीच में स्थित पौधों को टापुओं के रूप में रखा जाये जिससे पक्षियों के आवास सुरक्षित रह सकें इसके साथ ही टापुओं में नये पौधे भी लगाने के निर्देश दिये। इस दौरान आयुक्त नगर निगम श्रवण विश्नोई, अधिशाषी अभियंता राजुल शर्मा, सहायक अभियंता राधेश्याम गुर्जर सहित नगर निगम की टीम उपस्थित रही।


