कोटा| लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला अपने पांच दिवसीय कोटा प्रवास के दौरान न केवल जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं, बल्कि शहर को और अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक बनाने की दिशा में भी गंभीर पहल कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने आज कोटा शहर के विभिन्न इलाकों — खासकर चौराहों और मुख्य सड़कों — का निरीक्षण किया। उनका उद्देश्य स्पष्ट है: कोटा और बूंदी को “दुर्घटना रहित क्षेत्र” बनाना।
निरीक्षण के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शहर के ऐसे सभी क्षेत्र जहां अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं, उन्हें प्राथमिकता से चिन्हित किया जाए। इन क्षेत्रों में रोड इंजीनियरिंग, ट्रैफिक कंट्रोल, और संकेत व्यवस्था को दुरुस्त किया जाए।
ओम बिरला ने कहा – “18 से 35 वर्ष के युवा सबसे अधिक सड़क हादसों में जान गंवा रहे हैं। यह हमारे लिए चिंता और चुनौती दोनों है। इसलिए दुर्घटना संभावित इलाकों को चिन्हित कर वहां सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करना अनिवार्य है।”
सांसदों को भी दी जिम्मेदारी
लोकसभा अध्यक्ष ने यह भी बताया कि उन्होंने संसद में सभी सांसदों से अपील की है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की सूची बनाएं और रोड सेफ्टी सलाहकार समिति के माध्यम से ठोस योजना तैयार करें।
उन्होंने कहा “हर सांसद अपने क्षेत्र की सड़क सुरक्षा समिति की अध्यक्षता करे और समय-समय पर बैठक कर दुर्घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बनाए।”
जनसुनवाई में समाधान की तत्परता
कोटा प्रवास के दौरान ओम बिरला अपने कैंप कार्यालय पर जनसुनवाई भी कर रहे हैं। लोगों की समस्याओं को सुनने के साथ ही संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दे रहे हैं। यह जनसुनवाई प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही की मिसाल बन रही है।
विकास कार्यों पर विशेष बल
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि शहर में चल रहे विकास कार्यों की गति धीमी नहीं होनी चाहिए।
“जिन योजनाओं की शुरुआत हो चुकी है, उनका मेंटेनेंस समय पर हो। जो योजनाएं जनता की मांग से जुड़ी हैं, उन्हें प्राथमिकता मिले। कोटा को पर्यटन, खेल और शिक्षा के हब के रूप में विकसित करने की दिशा में काम होना चाहिए।”

कोटा-बूंदी बनेगा दुर्घटना रहित क्षेत्र: ओम बिरला ने अधिकारियों के साथ किया क्षेत्रीय निरीक्षण
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