मानसिक स्वास्थ्य और विकलांगता समावेशन पर राष्ट्रीय सम्मेलन, जयपुर में जुटे विशेषज्ञ

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जयपुर। मानसिक स्वास्थ्य और विकलांगता समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दिशा फाउंडेशन द्वारा आज से जयपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर के लगभग 400 विशेषज्ञ, शिक्षाविद, चिकित्सक और नीति-निर्माता भाग ले रहे हैं, जो नीतियों, पुनर्वास और समग्र सहयोग के माध्यम से समावेश की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन का मुख्य विषय है – “मानसिक स्वास्थ्य और विकलांगता समावेशन को बढ़ावा देना: नीतियां, पुनर्वास और समग्र सहयोग”।

पिछले तीन दशकों से शिक्षा, चिकित्सा, व्यावसायिक प्रशिक्षण और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सक्रिय दिशा फाउंडेशन इस सम्मेलन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के लगभग 400 विशेषज्ञों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच पर लेकर आया है। सम्मेलन में देशभर से आए विशेषज्ञ मानसिक स्वास्थ्य, समावेशी शिक्षा, विशेष शिक्षा, पुनर्वास तकनीकों, सामाजिक नीति निर्माण और अन्य प्रासंगिक विषयों पर गहन चर्चा करेंगे। शोध पत्र प्रस्तुतियाँ, तकनीकी सत्र और विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान इस दो दिवसीय कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण होंगे।

पी.एन. कावूरी द्वारा स्थापित दिशा फाउंडेशन ने एक छोटे से घर से शुरुआत करके आज एक ऐसे महत्वपूर्ण संसाधन केंद्र के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जहाँ मूल्यांकन से लेकर पुनर्वास तक सभी आवश्यक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। दिशा द्वारा संचालित स्पेशल एजुकेशन के दो वर्षीय प्रोफेशनल पाठ्यक्रम डिप्लोमा एवं बी.एड के प्रशिक्षित शिक्षक भी समाज को बहुमूल्य योगदान दे रहे हैं। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में चिकित्सा विशेषज्ञ, मनोवैज्ञानिक, पुनर्वास पेशेवर विशेषज्ञ, विशेष शिक्षक विशेषज्ञ, शिक्षाविद, शोधकर्ता, अभिभावक तथा सीखने में कठिनाई और मानसिक चुनौतियों का सामना कर रहे बच्चों और युवाओं के हितधारक सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं।

समारोह का उद्घाटन आज, 25 अप्रैल 2025 को प्रातः 9:30 बजे किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रमुख अतिथियों के रूप में बाबा आंबेडकर दिव्यांग विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. देवस्वरूप, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के पूर्व राज्य आयुक्त एवं राज्यमंत्री उमा शंकर राहुल और अन्य प्रतिष्ठित गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। यह सम्मेलन न केवल प्रोफेशनल विकास का एक सशक्त अवसर है, बल्कि यह मानसिक स्वास्थ्य और विकलांगता के क्षेत्र में नवीनतम अनुसंधान, नीतियों और व्यावहारिक रणनीतियों पर विचार-विमर्श करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच भी प्रदान करता है, जिसका उद्देश्य समाज में समावेश को बढ़ावा देना है।

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