टोंक। विभागीय उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक डॉ. छोटूलाल बैरवा ने शुक्रवार को जिले के प्रथम श्रेणी पशुचिकित्सालय दूनी का औचक निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक बैरवा ने पशुचिकित्सालय परिसर में नोडल क्षेत्र दूनी के सभी चिकित्सकों, पशुधन सहायक, पशुधन परिचर, जलधारी एवं गडरियों की बैठर लेकर निर्देश दिए कि क्षेत्र के पशुपालकों को किसी भी समस्या के लिए परेशान नहीं होना पड़े। चिकित्सक एवं पशुधन सहायक गर्मी जनित बीमारियों के बचाव के लिए नियमित टीकाकरण के साथ-साथ चिकित्सालय में आपात स्थिति में आने वाले पशुओं का बेहतर उपचार करें। संयुक्त निदेशक डॉ. बैरवा ने पशु चिकित्सालय का निरीक्षण करते हुए पशुओं का उपचार कराने आए पशुपालकों से उनके पशुओं को मिल रहे उपचार की जानकारी लेकर चिकित्सकों व अन्य स्टाफ को अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु रोगी पंजीकरण कक्ष, औषधि वितरण एवं औषधि भंडार का भी निरीक्षण किया। संयुक्त निदेशक ने बैठक लेकर चिकित्सालय प्रभारी को निर्देश दिए कि हॉस्पिटल के समस्त कार्मिक राज्य सरकार की मंशा के अनुसार प्रो-एक्टिव एप्रोच एवं अलर्ट मोड़ पर रहकर कार्य करते हुए रोगी पशुओं का उपचार करना सुनिश्चित करें, इसमें चिकित्सकों की किसी भी तरह की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। इस दौरान डॉ. विवेकानंद, डॉ. किरण भाठ, अमित चौधरी, रामदास धाकड़ समेत अन्य कार्मिक मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा के लक्ष्य पूर्ण करंे एवं बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़े
संयुक्त निदेशक डॉ. बैरवा ने नोडल क्षेत्र के सभी कार्मिकों को कृत्रिम गर्भाधान, एफएमडी, पशु गणना, कृत्रिम गर्भाधान, बधियाकरण एवं मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा के लक्ष्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए पाबंद किया। उन्होंने गर्मी के मौसम मे हीट वेव से पशुओं को बचाने के लिए पशुपालकों व गौशाला संचालकों को जानकारी देते हुए उचित प्रबंध करवाने के निर्देश दिए गए

संयुक्त निदेशक ने किया प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय दूनी का औचक निरीक्षण
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