प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के संबंध में जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक हुई आयोजित

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झालावाड़। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अन्तर्गत झालावाड़ जिले में 18 ट्रेड के पारंपरिक स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को सहायता देने व उनके तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तरीय मॉनिटरिंग कमेटी की बैठक सोमवार को मिनी सचिवालय के सभागार में जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक में जिला स्तर पर प्राप्त योजना के आवेदनों की अनुशंसा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि यह योजना छोटे व्यापारियों एवं जरूरतमंदों को विशेष ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान कराते हुए आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए संचालित की जा रही है। यह केन्द्र व राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक है।
इस दौरान जिला कलक्टर ने कहा कि अब तक प्राप्त आवेदनो में से उनकी जांच के पश्चात् 1946 पात्र लोगों को प्रशिक्षण प्रदान कर 603 लोगों को विभिन्न बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने सभी बैंकर्स को निर्देशित करते हुए कहा उनके बैंकों में इस योजनान्तर्गत लम्बित चल रहे ऋण आवेदनों को स्वीकृत करते हुए पात्र लोगों को योजना से लाभान्वित करें। उन्होंने जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक एवं जिला अग्रणी बैंक अधिकारी को इसकी व्यापक मॉनिटरिंग के निर्देश दिए।
जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र के महाप्रबंधक अमृतलाल मीणा ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत कारपेंटर, बोट मेकर, शस्त्रसाज, लुहार, हैमर व टूलकिट मेकर, ताला निर्माता, मूर्तिकार, सुनार, कुम्हार, चर्मकार, राजमिस्त्री, टोकरी, चटाई, झाडू निर्माता, खिलौना निर्माता, नाई, मालाकार, धोबी, दर्जी, फिशिंग नेट मेकर सहित 18 ट्रेड से संबंधित पारंपरिक स्वरोजगार करने वाले व्यक्तियों को सहायता देने व उनके तकनीकी कौशल को बढ़ावा देने के लिए उन्हें केन्द्र सरकार के माध्यम से दो अंशों में पांच प्रतिशत ब्याज पर तीन लाख रु. का लोन दिया जाएगा।
इस हेतु आवेदकों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर रजिस्टेªशन करवाना अनिवार्य होगा। चयनित आवेदकों को बेसिक स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी। 5 दिन की ट्रेनिंग के लिए 500 रु. प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता भी दिया जाएगा। प्रथम अंश के रूप में पात्र आवेदकों के लिए एक लाख रु. तक का कोलेटरल फ्री लोन (18 माह के लिए) की सुविधा उपलब्ध रहेगी। इसके पश्चात एडवांस स्किल की 15 दिन की ट्रेनिंग होगी। इसमें भी 500 रु. प्रतिदिन प्रशिक्षण भत्ता दिया जाएगा। द्वितीय अंश के रूप में पात्र आवेदकों को दो लाख रु. का लोन (30 माह के लिए) दिया जाएगा। इसके साथ ही 15 हजार रु. का टूलकिट भी दिया जाएगा। एक परिवार से एक ही सदस्य योजना का लाभ ले सकेगा। लाभार्थी की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष होनी चाहिए। गत पांच सालों में केंद्र व राज्य सरकार की ऋण योजना में लाभान्वित नहीं होना चाहिए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर सत्यनारायण आमेटा, एलडीएम आशुतोष कुमार सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि एवं जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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