बालकों को मिलें समुचित अधिकार और आगे बढ़ने के समान अवसर : डॉ व्यास

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चूरू। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार नालसा (बच्चों को मैत्रीपूर्ण विधिक सेवाएं) स्कीम, 2024 व नालसा (मानसिक रूप से बीमार व बौद्धिक रूप से असक्षम व्यक्तियों को विधिक सेवाएं) स्कीम, 2024 योजनाओं के लिए लीगल सर्विस यूनिट फॉर चिल्ड्रन व लीगल सर्विस यूनिट मनोन्याय का गठन किया गया है। इन दोनों यूनिट के प्रशिक्षण का कार्यक्रम क्रमशः 4 एवं 5 दिसंबर तथा 11 एवं 12 दिसंबर को को जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केन्द्र, चूरू के कार्यालय में आयोजित किए जाएंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन के लिए सोमवार कोर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. शरद कुमार व्यास की अध्यक्षता में जिला वैकल्पिक विवाद निस्तारण केन्द्र में बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अति. पुलिस अधीक्षक (एएचटीयू) कृष्णा सामरिया, बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक सतेन्द्र पाल, एडीपीआर कुमार अजय, राजकीय संप्रेषण किशोर गृह के अधीक्षक राजेश कुमार, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक नगेन्द्र सिंह राठौड़, सीएमएचओ मनोज शर्मा, शिक्षा विभाग से प्रशासनिक अधिकारी जग्गु सिंह चारण, बाल कल्याण समिति सदस्य शर्मिला पूनियां, मधुर स्पेशल स्कूल से अंजू नेहरा एवं डिप्टी एलएडीसी विवेकप्रिय सोनी उपस्थित रहे। इस दौरान डॉ. शरद कुमार व्यास ने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों से उनके विभाग द्वारा इन बाल कल्याण के संबंध में सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं व उनके विभाग द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया के संबंध में महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर चर्चा की। साथ ही बालकों के अधिकार व उनको मिलने वाली सरकारी योजनाओं को पर चर्चा करते हुए कहा कि बालकों के अधिकारों का समुचित संरक्षण होना चाहिए तथा उन्हें आगे बढ़ने के लिए समान अवसर मुहैया होने चाहिए। हम सभी को इस दिशा में प्रयास करने चाहिए। सभी अधिकारियों को 4 एवं 5 दिसंबर तथा 11 एवं 12 दिसंबर को होने वाले प्रशिक्षण सक्रिय सहभागिता के लिए निर्देशित किया गया।

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