उदयपुर ग्रामीण में मटुन माइन्स को फिर से शुरू करने का मामला न्यायालय में विचाराधीन : चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री

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जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह ने गुरुवार को राज्य विधानसभा में कहा कि विधानसभा क्षेत्र उदयपुर ग्रामीण में हिंदुस्तान जिंक की इकाई मटुन माइन्स को पुनः शुरू करने का मामला न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने सदन में प्रकरण की शीघ्र सुनवाई के लिए प्रयास करने का आश्वासन दिया।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान सदस्यों द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का खान मंत्री की ओर से जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि मटुन माइन्स में खनिज रॉक फॉस्फेट के स्‍वीकृत खनन पट्टे की अवधि 03 मई, 2020 को समाप्‍त हो जाने के कारण खनन कार्य बंद है। हिन्दुस्तान जिंक को 1970 में बीस साल के लिए लीज आवंटित की गई थी, जिसे दो बार दस-दस साल के लिए बढ़ाया गया था। उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार द्वारा 2015 में लागू खान एवं खनिज संशोधन अधिनियम- 2015 के तहत केवल कैप्टिव माइनिंग होने पर ही लाइसेंस देने के प्रावधान के चलते लाइसेंस नवीनीकरण नहीं हुआ। खनन कार्य पुनः शुरू करने का मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है, जिसकी अंतिम बार सुनवाई अक्टूबर, 2023 में हुई थी।

इससे पहले विधायक फूल सिंह मीणा के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र उदयपुर ग्रामीण में मैसर्स हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड के पक्ष में निकट ग्राम मटून तहसील गिर्वा (वर्तमान में कुराबड़) में खनिज रॉक फॉस्फेट के स्‍वीकृत रहे खनन पट्टे की अवधि 03 मई, 2020 को समाप्‍त हो जाने के कारण खनन कार्य बंद है। इस संबंध में कम्पनी द्वारा केन्द्रीय खान मंत्रालय के समक्ष प्रस्तुत रिवीजन प्रार्थना पत्र वर्तमान में विचाराधीन है।

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