हिंडोली-नैनवा पेयजल परियोजना का 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण, शेष कार्य एक वर्ष में होगा पूरा – जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री

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जयपुर। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने शुक्रवार को विधानसभा में हिंडोली-नैनवा पेयजल परियोजना को लेकर कहा कि जल जीवन मिशन की गाइडलाइन के अनुसार संवेदक को मार्च, 2024 तक 500 करोड़ रुपये के कार्य पूर्ण करने थे। इसके बावजूद लगभग 323 करोड़ रुपये के कार्य ही पूरे किए। वर्तमान सरकार ने इस पर सख्ती बरतते हुए 6 करोड़ की पेनल्टी लगाने के साथ केविएट भी दायर की ताकि न्यायालय में स्थगन नहीं मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने संवेदकों की 500 करोड़ की क्षमता होते हुए भी 2 हजार करोड़ रुपये तक काम दिए थे। मंत्री ने आश्वस्त किया कि आमजन को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सरकार आगामी एक वर्ष में शेष कार्य पूर्ण करवाएगी। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा कार्यों के लिए आवश्यक अनुमतियां नहीं ली गई थी, जिनके आवेदन वर्तमान सरकार के कार्यकाल में किए गए हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक अशोक के पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। चौधरी ने कहा कि हिंडोली—नैनवा पेयजल परियोजना के लिए चम्बल-भीलवाड़ा पेयजल परियोजना के आरोली हेडवर्क्स से रॉ-वॉटर पाइपलाइन में टैपिंग से पेयजल आपूर्ति प्रस्तावित है। इसके लिए भैंसरोड़गढ़ से इंटेक से आरोली डब्ल्यूटीपी तक आवश्यक अपग्रेडेशन कार्य किया जाना है। यह कार्य भीम देवगढ़ पेयजल परियोजना के पैकेज-1 में मई, 2022 को स्वीकृत किया गया था। संशोधित शासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति 16 अप्रैल, 2025 को जारी की गई तथा 6 मई, 2025 को तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई। निविदा 9 जुलाई 2025 को जारी कर दी गई है, जो वर्तमान में ईपीसी स्वीकृति की प्रक्रिया में है। शीघ्र ही कार्यादेश जारी किए जाएंगे। इससे पहले मूल प्रश्न के लिखित उत्तर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने बताया कि हिंडोली-नैनवा पेयजल परियोजना को राज्य स्तरीय योजना स्वीकृति समिति की 20वीं बैठक (फरवरी, 2021) में 973.84 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई थी। परियोजना के तहत बूंदी जिले की हिंडोली विधानसभा क्षेत्र के 286 ग्रामों एवं 287 चिन्हित ढाणियों के 82 हजार 283 घरों को घर-घर जल कनेक्शन से लाभान्वित किया जाना प्रस्तावित है। इसके लिए कार्यादेश 13 नवम्बर 2021 को जारी किए गए तथा कार्य पूर्ण करने की तिथि 22 नवम्बर 2024 निर्धारित की गई। परियोजना में 301.49 करोड़ रुपये लागत से अक्टूबर 2023 तक 41 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिया गया है। नवम्बर 2023 से दिसम्बर 2025 तक अतिरिक्त 35 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर 163.79 करोड़ रुपये व्यय किए गए। वर्तमान में 465.28 करोड़ रुपये की लागत से 76 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रॉसिंग, वन्यजीव क्षेत्र में पाइपलाइन डालने की अनुमति, रेलवे व अन्य विभागों से स्वीकृतियों की बाध्यता विलंब का प्रमुख कारण रही।

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