महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति का अनावरण वर्ष 2023 में ही किया था। अनावरण किए जाने के कुछ ही महीनों के बाद ये विशाल प्रतिमा ढह गई है। इस प्रतिमा के ढहे जाने के बाद विवाद भी उत्पन्न हो गया है। इस घटना के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसने विपक्षी दलों की ओर से भी भारी आलोचना को जन्म दिया है, जिन्होंने राज्य प्रशासन पर मराठा योद्धा का अनादर करने और कार्य की गुणवत्ता पर ‘कम ध्यान’ देने का आरोप लगाया है।
शिवाजी की मूर्ति ढह गई
टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, सिंधुदुर्ग के मालवन में राजकोट किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की मूर्ति सोमवार को दोपहर करीब 1 बजे ढह गई। एक अधिकारी ने बताया कि घटना के तुरंत बाद, वरिष्ठ पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारी स्थिति का जायजा लेने और नुकसान का आकलन करने के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। जिन्हें नहीं पता, उन्हें बता दें कि 35 फुट ऊंची स्टील की प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री मोदी ने 4 दिसंबर, 2023 को नौसेना दिवस समारोह के अवसर पर किले में किया था। प्रतिमा पर काम 8 सितंबर को शुरू हुआ और भारतीय नौसेना को यह काम सौंपा गया, क्योंकि उसे प्रतिमा निर्माण में कोई विशेषज्ञता नहीं है।



