बजट से बारां जिले के विकास को मिलेंगे नए पंख- ऊर्जा मंत्री

ram

जयपुर। ऊर्जा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री हीरालाल नागर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार के वर्ष 2026-27 के लिए पेश किए गए बजट से प्रदेश को नई गति मिलेगी। नए बजट के माध्यम से किसानों को सम्बल प्रदान करते हुए समृ़द्ध बनाने की दिशा में कारगर कदम उठाए गए हैं। ऊर्जा मंत्री श्री नागर ने रविवार को बारां प्रवास के दौरान सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने 2 साल की अल्प अवधि में ही 22 जिलों में दिन के समय किसानों को बिजली देना प्रारंभ कर दिया है। वहीं 17 जिलों की 4 लाख हैक्टेयर भूमि में पानी पहुंचाया जा रहा है। परवन परियोजना के अवरोधों को दूर कर शीघ्र ही किसानों तक पानी पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि बजट में बारां जिले को अनेक सौगातें मिली है। इससें जिलेे के विकास को नए आयाम मिलेंगे। बजट में गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं समेत आमजन को भरपूर लाभ देने का मार्ग प्रशस्त किया गया है। सहरिया और खैरवा जातियों को जहां डीबीटी के जरिए से करोड़ों का लाभ मिलेगा। वहीं परवन वृहद सिंचाई परियोजना के कार्यादेश जारी होने से लाखों लोगों की प्यास बुझेगी। लोकहितकारी इस बजट में पेयजल, सिंचाई, बिजली, सड़क, पुलिया, आरओबी, सौन्दर्यीकरण सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं और विकास पर खासा फोकस किया गया है।

आरओबी को मिलेगी नई लेन
घोषित बजट में जिला मुख्यालय पर कोटा मार्ग पर रेलवे लाइन पर निर्मित आरओबी से साढ़े 11 करोड़ की लागत से स्लीप लेन बनने पर यातायात सुगम होगा। इस आरओबी के कोटा मार्ग से चारमूर्ति चौराहा की ओर उतरने से कृषि मंडी व जिला अस्पताल की ओर सीधी पहुंच में परेशानी आती थी। नई लेन निर्मित होने पर अस्पताल रोड आरओबी के माध्यम से सीधा कोटा रोड से जुड़ सकेगा।

33/11 केवी जीएसएस मिला
जिले में विद्युत तंत्र के और अधिक विस्तार एवं सुदृढीकरण के लिए अंता के फूंसरा में 33/11 केवी जीएसएस का निर्माण होगा। इसके लिए ग्राम फूंसरा में स्थित आराजी खसरा न. 975/476 में 0.25 हैक्टेयर भूमि आवंटित कर दी गई है।

डोल तालाब को मिलेगी नई पहचान
जिला मुख्यालय के बड़े जलाशय डोल तालाब के विकास को लेकर बजट में 4 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें यहां चौपाटी, फ्लैग पोस्ट, पार्किंग आदि से यहां की छटा बिखरेगी और मांगरोल रोड पर बसी कॉलोनियों की एक बड़ी आबादी सहित जिला मुख्यालय के लोगों को मनोरंजन की सुविधा मिलेगी। साथ ही मुख्य मार्ग पर आवागमन सुगम होगा। डोल तालाब किनारे जिले का ख्यातनाम डोल मेला लगता आया है।

खेलों को मिलेगी गति
बजट में जिले की एक बड़ी जरूरत खेल स्टेडियम को भी पूरा किया गया है। कलमण्डा में छह हेक्टेयर भूमि पर नए खेल स्टेडियम के निर्माण से खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्राप्त होगा। इसमें विभिन्न खेलों के मैदान व इनडोर खेलों की सुविधा खिलाड़ियों को मिल सकेगी। साथ ही बड़े स्तर पर खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी संभव हो सकेगा। खेलों राजस्थान यूथ गेम्स में ग्रामपंचायत, ब्लॉक, जिला स्तर पर आयोजन किए जाएंगे। राज्य स्तरीय विद्यालयी खेलकूद प्रतियोगिता हेतु वर्तमान में प्रति खेल देय राशि 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपए किया जाना प्रस्तावित है।

चिकित्सा सेवाओं में विस्तार
सड़क दुर्घटना, प्रसूति, हार्ट अटैक जैसी आपात स्थितियों में मरीजों को त्वरित उपचार की सुविधा के लिए राज सुरक्षा योजना की घोषणा की गई है। जिसमें निकटतम चिकित्सा संस्थानों एवं उपलब्ध मेडिकल सुविधाओं की सटिक जानकारी व परामर्श दिए जाने की दृष्टि से 24 गुणा 7 क्रिटिकल केयर कमाण्ड सेन्टर की स्थापना की जाएगी। साथ ही निकटतम उपलब्ध चिकित्सकों/संस्थानों की रेपोजिटरी भी बनाई जाएगी। स्थानीय स्तर पर ही हृदयाघात की समय पर पहचान कर रोगियों का जीवन बचाया जा सके, इसके लिए सीएचसी पर ही ईसीजी/टेली ईसीजी एवं थ्रोमबॉलीसिस की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। चिकित्सा महाविद्यालय में डीएम (क्रिटिकल केयर) तथा एमसीएच (ट्रोमा सर्जरी) के सुपरस्पेशियलिटी कोर्सेज प्रारंभ किए जाएंगे। बदलती जीवन शैली एवं प्रतिस्पर्धा के वर्तमान परिवेश में अवसाद, चिंता एवं आत्महत्या आदि की रोकथाम हेतु राज-ममता प्रोग्राम चलाया जाएगा। जिसमें जिला मुख्यालय पर मेन्टल हेल्थ केयर सेल की स्थापना की जाएगी तथा मनोरोग चिकित्सकों के साथ मनोविज्ञान काउन्सलर लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना में पंचायत स्तर पर आरोग्य शिविर लगाए जाएंगे। दुर्घटना में जान गवांने वाले मृतक के पार्थिव शरीर को चिकित्सालय की मोर्चरी से घर पहुंचाने के लिए निशुल्क मोक्षवाहिनी योजना शुरू की जाएगी। जिला चिकित्सालय में नशामुक्ति वार्ड स्थापित किए जाएंगे।

परवन परियोजना से बुझेगी प्यास
पेयजल के लिए परवन-अकावद परियोजना के अन्तर्गत बारां सहित कोटा एवं झालावाड़ जिले के लिए 3500 करोड़ रुपए के कार्यादेश जारी किए गए है। ग्रीष्मकाल के दौरान ट्यूबवेल एवं हैण्डपम्प लगाए जाएंगे। साथ ही समर कंटीन्जेंसी के अन्तर्गत जिला कलक्टर को 1 करोड़ रूपए की राशि उपलब्ध करवाई जाएगी।

नगरीय सुविधाओं में बढ़ोतरी
राहगीरों को गर्मी से राहत एवं बरसात से बचाव के लिए जिला स्तरीय नगर निकायों में प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर इको कुलिंग शेल्टरों की स्थापना की जाएगी। आमजन की सुरक्षा व स्वास्थ्य के दृष्टिगत सभी नगर निकायों में चरणबद्ध रूप से डॉग शेल्टर्स का निर्माण किया जाएगा। जिला स्तरीय कार्यक्रमों में बेहतर जनसुविधाओं की दृष्टि से नगर निकायों को मोबाइल टॉयलेट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। जिला स्तरीय नगर निकाय के लिए मास्टर ड्रेनेज प्लान बनाया जाएगा। जिले में शवदाह के लिए क्लोज्ड कम्ब्यूशन क्रिमेशन फर्नेस की स्थापना की जाएगी।

स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे
युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना प्रारंभ की गई है। इसके अन्तर्गत युवाओं को 10 लाख रुपए तक के ऋण पर शत प्रतिशत ब्याज अनुदान तथा मार्जिन मनी आदि सुविधा दी जाएगी। युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से उन्हें इण्डस्ट्री रेडी एवं एम्पलॉयबल बनाना हमारी प्राथमिकता है। इस दृष्टि से जिले में इण्डस्ट्री पार्टनर्स को जोड़ते हुए इंस्टीट्यूट ऑफ स्किल एण्ड वॉकेशनल ट्रेनिंग प्रारंभ किया जाना प्रस्तावित है।

टेबलेट के लिए ई-वाउचर
इसी कड़ी में कक्षा आठवीं, दसवीं एवं बाहरवीं में अध्ययन करने वाले चयनित मेधावी विद्यार्थियों को स्वयं के स्तर पर टेबलेट/लेपटॉप क्रय करने के लिए ई-वाउचर के माध्यम से 20 हजार रुपए तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। निशुल्क साइकिल वितरण योजना के अन्तर्गत आगामी वर्ष नवीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली जरूरतमंद छात्राओं को साइकिल हेतु ई-वाउचर दिए जाएंगे। कक्षा एक से आठ के जरूरतमंद विद्यार्थियों को निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी दी जाएगी। बालिकाओं को विद्यालय में स्वास्थ्य एवं हाईजिन संबंधी सुविधाओं के लिए वंचित रहे सभी विद्यालयों में टॉयलेट्स बनाएं जाने प्रस्तावित हैं। जिले के भवनविहीन व जर्जर विद्यालयों के भवनों का निर्माण भी कराया जाएगा। कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को निपुण कलैण्डर एवं हिन्दी, अंग्रजी व गतिण विषय की अभ्यास कार्य पुस्तिकाएं उपलब्ध कराई जाएगी। घुमन्तु एवं अर्धघुमन्तु समुदाय के परिवारों के बच्चों को औपचारिक शिक्षा के लिए राज पहल कार्यक्रम आरंभ करने की घोषणा की गई है। इस योजना के प्रथम चरण में जिले में एक स्कूल ऑन व्हील्स स्थापित किया जाएगा। तथा माईग्रेशन प्रोन क्षेत्रों में अस्थाई शिक्षा शिविर संचालित किए जाएंगे। स्कूल टू वर्क व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम की शुरूआत कर जिले के एक विद्यालय को उन्नत व्यावसायिक उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा। वहीं एक विद्यालय में ग्रीन स्कूल प्रोग्राम संचालित किया जाएगा।

मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट के लिए 100 करोड़
जिले में 100 करोड़ की लागत से बारां में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता का मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट मिलेगा। इससे जिले के दुग्ध उत्पादकों को लाभ मिलेगा।

चिल्ड्रन होम के लिए भवन स्वीकृत
जरूरतमंद एवं असुरक्षित बच्चों की समुचित देखभाल एवं संरक्षण की दृष्टि से बजट में चिल्ड्रन होम के लिए भवन की स्वीकृति दी गई है। इस पर लगभग 3 करोड़ रूपए व्यय होंगे।

कारागृह में आधुनिक मुलाकात कक्ष
जिला कारागृह में आधुनिक मुलाकात कक्ष तथा बंदियों को अपनी दैनिक वस्तुओं को रखने लिए लॉकर्स का निर्माण कराया जाएगा। बंदियों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए काउंसलिंग भी करवाई जाएगी।

छीपाबड़ौद को मिलेगी बाढ़ से निजात
छबड़ा की खानाखेड़ी तालाब व छीपाबड़ौद के काल्पाजागीर में फूट तालाब खुटिया खो, दीगोद जागीर तालाब कार्य, ल्हासी बांध के डाउन स्ट्रीम में ल्हासी नदी से दीगोद खालसा एवं छीपाबड़ौद कस्बे में बाढ़ से निजात दिलाने का 80 करोड़ रुपए की लागत से कार्य होगा। अंता में इटावा ब्रांच केनाल वितरिकाओं की संरचनाओं का निर्माण किया जाएगा। मोहम्मदपुर-केथौड़ी, माइक्रो इरिगेशन लिफ्ट परियोजना पर सोलर एनर्जी की स्थापना का 11 करोड़ रुपए से कार्य होगा। अंता में काचरी, पंचेल, देलाहेड़ी चक, शाहबाद लिफ्ट नहर पर स्थापित पंप हाऊस की मरम्मत, नवीनीकरण व सोलर संयंत्रों की सुरक्षा के लिए चारदीवारी एवं तारबंदी कार्य पर 3 करोड़ 50 लाख रुपए व्यय होंगे।

किशनगंज में एडीजे न्यायालय, शाहबाद में कैम्प कोर्ट
किशनगंज में न्यायालय को अतिरिक्त जिला एवं सेशन न्यायाधीश न्यायालय घोषित किया गया है। वहीं शाहबाद में एडीजे कैम्प कोर्ट खोली जाएगी। इससे लोगों के लिए न्याय की राह आसान होगी।

सहरिया व खैरवा परिवारों को 1200 रूपए प्रतिमाह
साथ ही जिले में निवासरत सहरिया व खैरवा जनजाति परिवारों को प्रतिमाह घी, तेल एवं दाल वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए योजना में पात्र परिवारों की महिला मुखिया को 1200 रुपए प्रतिमाह डीबीटी किए जाने की घोषणा की गई है। बजट में अटरु के प्राचीन फूलदेवरा महादेव मंदिर का विकास कार्य भी शामिल किया गया है। इससे प्राचीन धरोहर का संरक्षण होगा।

छबड़ा-रूठियाई रेल खंड पर छबड़ा में 2 आरओबी
छबड़ा-रूठियाई रेल खंड पर छबड़ा स्थित एलसी-72 पर 38 करोड़ 72 लाख रूपए तथा एलसी-84 पर 34 करोड़ रुपए से आरओबी का निर्माण किया जाएगा। इससे मध्यप्रदेश को जोड़ने वाले मार्ग पर आवागमन सुगम होगा। गुगोर-फूलबड़ौदा सड़क से हलगना पर डेढ़ करोड़ रुपए से पुलिया का निर्माण होगा। छीपाबड़ौद सरकारी पुलिया से बालाजी की डूंगरी तक 2 करोड़ रुपए से 0.75 किमी, रामगढ़ रोड फतेहपुरा गांव तक 2.20 करोड़ रुपए से सड़क निर्माण, रतनपुरा से चैनपुरिया मय अंधेरी नदी पर पुलिया निर्माण 9 करोड़ रुपए से होगा। ता नगरपालिका क्षेत्र में 7 करोड़ 49 लाख रुपए व्यय कर सब्जीमण्डी निर्माण की सौगात दी गई है। इससे अंता नगर में आवागमन सुचारू होने के साथ आम नागरिकों को एक ही स्थान पर व्यवस्थित तरीके से सब्जी खरीद की सुविधा मिलेगी।शेरगढ़ में वन्य जीव अभयारण्य के इको सेन्सिटिव जोन के लिए जोनल मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा। उपरेटी कन्जर्वेशन रिजर्व में ग्रासलैण्ड विकास कार्य करवाएं जाएंगे। वेटलैण्ड कन्जर्वेशन के उद्देश्य से प्रथम चरण में पुष्कर तालाब बारां के लिए इंटीग्रेटेड मैनेजमेंट प्लान बनाया जाएगा। जिला मुख्यालय पर उन्नत नमो नर्सरी की स्थापना की जाएगी। पंचायत समिति स्तर पर चरणबद्ध रूप से नमो वन विकसित किए जाएंगे। उपभोक्ताओं के लिए नवीन उपहार विक्रय केन्द्र शुरू किया जाएगा।ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आर्थिक संबल देने के लिए जिला स्तर पर रूरल वूमन बीपीओ स्थापित किया जाएगा। लखपति दीदी ऋण योजना में ऋण की सीमा एक लाख से बढ़ाकर डेढ़ लाख रुपए की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *